Monday, May 17, 2021
Home Desh अमेरिकी दबाव पर भारत ने नहीं किया बड़ा नुकसान ... समय पर...

अमेरिकी दबाव पर भारत ने नहीं किया बड़ा नुकसान … समय पर रूसी एस 400 मिसाइल डिफेंस टेक्नॉलॉजी हो जाती है


जो बाइडन (जो बिडेन) प्रशासन के दबाव के बावजूद भारत ने अपने रक्षा अधिकारों से कतई कोई समझौता नहीं किया है।

एस 400

अमेरिका नहीं चाहता है कि भारत करे यह नायडू रूस से। (फोटो क्रेडिट: न्यूज नेशन)

हाइलाइट

  • रूसी राजदूत ने दिए संकेत समय पर एस -400 की आपूर्ति होगी
  • अमेरिका नहीं चाहता है कि भारत खरीदे और सिस्टम रूस से
  • कई देशों पर लगा प्रतिबंध है, भारत पर थोपना आसान नहीं है

नई दिल्ली:

नया भारत (भारत) किसी भी दबाव को स्वीकार नहीं कर रहा है। यही कारण है कि अमेरिका में जो बाइडन (जो बिडेन) प्रशासन के दबाव के बावजूद भारत ने अपने रक्षा अधिकारों से कतई कोई समझौता नहीं किया है। अधिक इसी कारण से भारत को तय समय पर रूस एस -400 (एस 400) मिस डेफेंस सिस्टरम की आपूर्ति कर देता है। यह बात की घोषणा भारत में मौजूद रूसी राजदूत निकोले कुदाशेव ने की है। उन्हें उसने कहा है कि इसको बारे में रूस (रूस) की ओर से किसी भी तरह की कोई देरी नहीं होगी और यह अपने सही राह पर है। कुदशेव ने कहा कि एस -400 को लेकर भारत और रूस के बीच जो समझौता हुआ था उसको लेकर दोनों ही अपने पुराने रुख पर कायम भी हैं और प्रतिबद्ध भी हैं। ऐसे में उनकी जानकारी में इस निर्णय को सफलतापूर्वक निर्धारित समय के अंदर ही पूरा कर लिया जाएगा। उनका ये बयान ऐसे समय में आया है जब एस -400 की डील को लेकर अमेरिका तुर्की से काफी खफा है।

अमेरिका नहीं भी कोई ले एस -400 सिस्टम चाहता है
गौरतलब है कि कुछ समय पहले अमेरिकी रक्षा मंत्री लीलो ऑस्टिन भारत के दौरे पर आए थे। जब उनसे एस -400 की डील के बारे में पूछा गया था तो उन्होंने कहाततौर पर कहा था कि अमेरिका नहीं चाहता है कि कोई भी देश रूस से ऐसी डील करे। जब उनसे ये पूछा गया कि क्या इसको लेकर अमेरिका भारत पर भी प्रतिबंध लगा सकता है, तो उन्होंने कहा था कि वर्तमान में इसका सवाल नहीं उठता है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक अगर भारत इस समझौते पर आगे बढ़ता है तो अमेरिका काउंटरिंग अमेरिका एडवर्सरीज थ्रो सेंशन एक्ट (कट्सा सीएएटीएसए) के तहत भारत पर प्रतिबंध लगा सकता है।

यह भी पढ़ें: सीबीएसई बोर्ड की 10 वीं की परीक्षा रद्द, 12 वीं के एग्जाम पर 1 जून को फैसला

भारत के लिए देश सर्वोच्च प्राथमिकता
गौरतलब है कि भारत कई बार इस बात को कहा है कि वह इसकी खरीद देश की सुरक्षा को ध्‍यान में रखते हुए कर रही है। माना जा रहा है कि यह अकृत्य विद्यालय डिफेंस सिस्टम की सपनाई रूस में इस साल के अंत तक शुरू कर देगा। रूसी राजदूत ने इस प्रावधान और भारत से रिश्‍तों पर अपनी टिप्‍पणी करते हुए कहा कि दोनेन देश लंबे समय से एक-दूसरे के भरोसेमंद सहयोगी रहे हैं। खरीद मंच पर भी दोनों देशों के विभिन्‍न मुद्दों पर एक साथ दिखाई दिए जाते हैं। इस मौके पर रूस के उप राजदूत ने रूस की कोरोना वैक्ल्पिन श्युटानिक के बारे में भारत द्वारा इसको बताने की इजाजत देना कई मायनों में खास है। ये वैक्टिन सफलता की नई ऊंचाईयों को छू रही है। रूसी वैक्टिन पूरी तरह से भारत के टीकाकरण अभियान को आगे बढ़ाने में मददगार साबित होंगे। इस मौके पर रूस ने संज्ञा राक सुरक्षा परिषद में भारत की स्थापितीय सीट की भी वकालत की है।



संबंधित लेख

पहली प्रकाशित: 14 अप्रैल 2021, 03:33:50 PM

सभी के लिए नवीनतम भारत समाचार, न्यूज नेशन डाउनलोड करें एंड्रॉयड तथा आईओएस मोबाईल ऐप्स।



Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments