Saturday, October 24, 2020
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अंतरजातीय प्रेम से नाराज बाप ने कर दी थी हत्या, अब कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा


कोर्ट ने आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये का अर्थ दंड की सजा सुनाई है। (सांकेतिक फोटो)

कोर्ट ने आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये का अर्थ दंड की सजा सुनाई है। (सांकेतिक फोटो)

पुलिस ने जांच के दौरान नवाब अलफ़ नब्बू (नवाब अलियास नब्बू) को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने अपना अपराध कबूल कर लिया कि उसकी बेटी दूसरी जाति के युवक से प्रेम करती थी, जिससे उसकी बदनामी हो रही थी।

प्रतापगढ़। प्रतापगढ़ में अपर जिला सत्र न्‍यायाधीश मधु डोगरा की अदालत ने नौ साल पहले हुई एक युवती की हत्या के मामले में उसके पिता सहित चार लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और उन पर अर्थ दंड भी लगाया गया है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक जिले के थाना लालगंज कोतवाली को 13 सितंबर 2011 को सूचना मिली कि प्राथमिक विद्यालय सगरा सुंदरपुर के करीब नहर में एक सिर कटा शव पड़ा है। पुलिस को कटा हुआ सिर सिरदे गांव से बरामद हुआ है।

पुलिस ने जांच के दौरान नवाब अलफ़ नब्बू (मृतका के पिता) को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने अपना अपराध कबूल कर लिया कि उसकी बेटी दूसरी जाति के युवक से प्रेम करती थी, जिससे उसकी बदनामी हो रही थी। अभियोजन के अनुसार नवाब ने यह बताया कि उसने अपने रिश्तेदार फ्रैंकन, सगीर अहमद व नफीस अलफ़ शरीफ़ के साथ युवती की हत्या कर शव फेंक दिया। पुलिस ने इस संबंध में झूठी शान की खातिर हत्या का मामला दर्ज किया था। अदालत ने दोषी पाए गए नवाब अलफ़ नब्बू, खुशबू, सगीर अहमद व नफ़ीस अलफ़ शरीफ़ को आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये का अर्थ दंड की सजा सुनाई है।

15 साल कैद और 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी
बता दें कि बीते 13 अक्टूबर को बांदा जिले (बांदा जिला) की एक अदालत (कोर्ट) ने एक व्यक्ति को नाबालिग को बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म (बलात्कार) करने के मामले में उसे दोषी करार (दोषी करार) दिया था। अदालत ने इस मामले में उसे 15 साल कैद और 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी। सहायक शासकीय अधिवक्ता (एडीजी) रामसुफल सिंह (रामसुफल सिंह) ने मंगलवार को बताया, "ऊपरी जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोनों पक्षों के अधिवक्ता की दलीलें सुनने के बाद दोषीताकवा उड़ी तीरथ चतुर्वेदी (30) को 15 वर्षीय किशोरी को नलकूप में गिरफ्तार किया। बंधक बनाकर तमंचे के बल पर चार दिन तक उसे दुष्कर्म करने का दोषी पाया गया। अदालत ने उसे 15 साल कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। "यह घटना 23 जून 2013 की शाम की है
उन्होंने बताया, "यह घटना 23 जून 2013 की शाम की है। किशोरी दोषी की आटा चक्की में गेहूं पिसवाने जोड़ा गया था, तभी वह उसे बंधक बनाकर अपने निजी नलकूप ले गया और तमंचे का डर दिखाकर उसके साथ चार दिन तक बलात्कार करता रहा।" एडीजीसी ने बताया कि चौथे दिन किशोरी मौका पाकर दोषी का तमंचा-कारतूस लेकर वहां से भाग गयी और उसे (तमंचा-कारतूस) पुलिस को सौंपकर मामला दर्ज करवाया था। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में आठ गवाह पेश किए गए थे।



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